• India

    Every particle, even sand says I AM AN INDIAN

  • Indian Tea

    India is a leading producer of TEA, do you wanna have Indian Tea

  • India Heart Of the World

    Take the Aroma of Indian Soil and it's promise that you would not forget it

  • Soil to Sea, it's India

    You may be tired but Scenories will not end, those will come with some new surprises

  • Forts still holds

    An eye catching but surprise everyone, how big and beutiful they are

30 Sep 2014

एक कटी पतंग (Ek Kati Patang)




मेरा जीवन एक कटी पतंग,
बल्खाता हूँ, मचल जाता हूँ, 
बिन डोर के यूंही चला जाता हूँ,
कभी इस ओर तो कभी उस ओर,
कभी इस डगर तो कभी उस डगर,
बिन मंजिल के मैं बस उड़ा जाता हूँ,
कोई डोर होती जो थाम लेती मुझको,
कंधे पर यूं हाथ रख रोक लेती मुझको,
बवंडर मे नीले अंबर मे हिचकोले खाता हूँ,
हिचकोले खाते मंद-मंद मुस्काता हूँ,
शीतल मंद पवन मे नीचे गिर जाता हूँ,
कभी बिजली के खंभे मे अड़ता हूँ,
कभी नंगे तारों पर झूल सा जाता हूँ,
सूखे दरख्तों मे भी लिपट मैं जाता हूँ,
कभी चिथड़े मे बदल जाता हूँ,
तो कभी कचरे मे मिल भी मैं जाता हूँ,
क्या करूँ क्या ना करूँ सोच घबरा जाता हूँ,
चाहता हूँ थाम लूँ खुद को, रुक जाऊँ,
ठहर जाऊँ, थम जाऊँ, सो जाऊँ, रम जाऊँ,
लेकिन जिंदगी इतनी बेरहम हो गई है,
इसको ही सोच सिहर जाता हूँ, ठिठक जाता हूँ,
सोच के इक बात को यूंही अकड़ जाता हूँ,
अकेला नहीं हूँ मैं इस अंबर की ओट मे
जो होगा देख लूँगा, सह लूँगा, जी लूँगा,
गमों को मय मे मिला कर पी लूँगा,
वीरान इस जिंदगी को अपने तरीके से जी लूँगा॥

29 Sep 2014

रेत पर कभी कोई तकदीर लिखी नहीं जाती (Ret Par Kabhi Koi Takdir Likhi Nahi Jati)




दिल की बात को दिल मे दबाए बैठा हूँ,
होंठ बेजान से पर आँखों से भी कुछ कह नहीं पाता हूँ॥
 
मन की बात को लबों पर दबाए बैठा हूँ,
दिल मे उठती हूक को आँखों मे छुपा नहीं पाता हूँ॥

आज बन गया मेरा दिल भी इक पत्थर,
अब तो जुगनुओं की चमक भी झेल नहीं पाता हूँ॥

भँवर मे कर रहा कोशिश तैरने की,
भूल गया था लहरों से लड़ाई जीत नहीं पाता हूँ॥

दुखी हो गया मेरा मन भी अब तो गालिब,
खुद की चुप्पी ही अब तो मुझसे सही नहीं जाती है॥

मन मे जाने कितने बवंडर दबाए बैठा हूँ,
पर इन आँखों की नमी मुझसे झेली नहीं जाती है॥

कभी मेरी अश्को ने बनाया था समंदर भी,
पर भूल गया की रेत पर कभी कोई तकदीर लिखी नहीं जाती है॥